राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी में वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय दीक्षांत

Sat 18-Apr-2026,01:45 PM IST +05:30

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राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी में वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय दीक्षांत President-Murmu-Wardha-Hindi-University-Convocation
  • वर्धा में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय का छठा दीक्षांत समारोह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति में भव्य रूप से संपन्न हुआ।

  • समारोह में विद्यार्थियों को उपाधि, स्वर्ण पदक और पुरस्कार प्रदान किए गए, साथ ही उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।

  • राज्यपाल, मंत्री और शिक्षाविदों की मौजूदगी में युवा शक्ति को विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

Maharashtra / Wardha :

Wardha/ भारत की शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र माने जाने वाले महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में आज छठा दीक्षांत समारोह बड़े ही गरिमामय और प्रेरणादायक माहौल में संपन्न हुआ। वर्धा स्थित इस विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की विशेष उपस्थिति ने इस अवसर को और भी ऐतिहासिक बना दिया।

इस समारोह में जिष्णु देव वर्मा भी मौजूद रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उपाधियाँ, स्वर्ण पदक और विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए। यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के वर्षों की मेहनत और समर्पण का सम्मान था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में शिक्षा की भूमिका को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे विश्वविद्यालय न केवल ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि संस्कार, मूल्य और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का भविष्य युवा शक्ति के हाथों में है, और यह युवा पीढ़ी ही विकसित भारत के सपने को साकार करेगी।

समारोह के दौरान विद्यार्थियों के चेहरों पर गर्व, खुशी और नई शुरुआत की चमक साफ नजर आई। यह क्षण उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था, जहां से वे अपने करियर और जीवन की नई यात्रा शुरू करने जा रहे हैं।

इस अवसर पर राज्य के शिक्षा राज्य मंत्री एवं वर्धा जिले के पालक मंत्री पंकज राजेश भोयर, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा और कार्यकारी परिषद सदस्य प्रो. सुरेंद्र दुबे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

यह दीक्षांत समारोह न केवल एक शैक्षणिक आयोजन था, बल्कि यह उस विश्वास और उम्मीद का प्रतीक भी था, जो देश अपने युवाओं से करता है। आज के ये विद्यार्थी ही कल के नेता, वैज्ञानिक, शिक्षक और समाज के मार्गदर्शक बनेंगे। ऐसे आयोजनों से न केवल छात्रों को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक दिशा मिलती है।